गरिमा गीता की भूमिका-D

 Of dignity geeta/गरिमा गीता की - विषयानुक्रमणिका - भुमिका-d




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जीऐं । उस परमेश्वर जी ने स्वयं यथार्थ भक्ति मंत्रों को बताया है जो सर्व शास्त्रों में प्रमाण मिला है। जिस कारण सत्य भक्ति की साधना की सार्थकता सिद्ध हुई है। मेरा निष्कर्ष The conclusion है कि :-

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसई, धर्म नहीं कोई न्यारा।

           आप जी इस पुस्तक "गरिमा गीता की" में पवित्र गीता के दिव्य सार को पढ़ें तथा अन्य को पढ़ाऐं। भूलों को राय बताऐं। इससे बड़ा पृथ्वी पर कोई पुण्य का कार्य नहीं है। मेरे अनुयाई तथ्यों को आंखों शास्त्रों The scriptures में देखकर आश्चर्यचकित हुए थे। सत्य को स्वीकार करके तुरंत झूठी साधना त्याग कर सत्य साधना की दीक्षा मुझ दास (रामपाल दास) से लेकर जीवन धन्य कर रहे हैं। साथ-साथ इस अद्वितीय यथार्थ अध्यात्म ज्ञान का प्रचार करके भूले -भटको को सत्य मार्ग बता कर पुण्य के भागी बन रहे हैं। झूठे गुरुओं से प्रभावित भोली जनता के द्वारा दी जा रही परेशानियों को झेलते हुए प्रचार में लगे हैं। यह आपको अपना भाई- बहन brother and sister मानते हैं। आपके कल्याण का उद्देश्य रखते हैं। लेखक का उद्देश्य भी मानव समाज का कल्याण करना है। आप जी मेरे द्वारा बताया अध्यात्म ज्ञान Gyan समझें। पूर्ण रूप से जांच करें। फिर हम से जुड़े। मर्यादा maryada में रहकर भक्ति करें। तब देखना आपको प्रत्यक्ष लाभ होता महसूस होगा। आप अपने बीते मानव जीवन के समय का व्यर्थ साधना से नष्ट होने का बहुत पश्चाताप करोगे। सत्य भक्ति मार्ग मिलने से परमेश्वर कबीर जी God Kabir ji की शरण में आने के पश्चात् उन भक्तों- भक्तमतियों, बहनों- माइयों का कोटि-कोटि धन्यवाद thank you करोगे जिन्होंने आप जी को घर बैठों को परमात्मा का सत्य ज्ञान व सत भक्ति संदेश पुस्तकों Sat bhakti sandesh books के माध्यम से पहुंचाया। फिर आप ऐसा अनुभव करोगे जैसे कोई मौत के मुख से निकलने पर सुरक्षित परंतु भय-सा महसूस करता है। विचार करेंगे कि हे परमात्मा कबीर जी! हमारा ऐसा कौन- से जन्म का शुभ कर्म फलां। जिस कारण से आप की शरण मिली। यदि यह तत्वज्ञान पढ़ने- सुनने को नहीं मिलता तो लूट- पिट जाते। हमारा अनमोल मानव जीवन नष्ट हो जाता। इसलिए आप जी अविलंब अपने निकट वाले हमारे नाम दान केंद्रों पर आऐं और नाम दीक्षा diksha लेकर अपना कल्याण करवाऐं।  


प्रार्थी-लेखक

(संत) रामपाल दास (महाराज)

सतलोक आश्रम, बरवाला

जिला- हिसार, हरियाणा (भारत)


अधिक जानकारी के लिए पढ़ें जीने की राह पुस्तक 

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और देखें शाधना चैनल📺 शाम 7:30 से 8:30 बजे तक

और (नाम दान केंद्र) कि जानकारी के लिए सम्पर्क करें 📞☎️8222880541 , 8222880542, 8222880543, 8222880544 , 8222880545


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