Of dignity geeta/गरिमा गीता की

जीव हमारा जाति का मानव धर्म है। हिन्दू, मुस्लिम, सिखाना, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।
विशेष: - परमात्मा God को चाहने वाले श्रद्धालु यदि इस पुस्तक को नहीं पढ़ेंगे तो उनका मोक्ष असँनिक जन्मों में भी संभव नहीं है यह पुस्तक भगत समाज को परमात्मा का विशेष तोहफ़ा gift है, निश्चित रूप से। अवश्य पढ़ें। जो पढ़ेगा, उसकी एक सौ एक (101) पीढ़ी को की पार होने की राह मिलेगी।
--: लेखक :--
संत रामपाल दास महाराज
कबीर पंथी
जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा।।
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