गरिमा गीता की विषयानुक्रमणिका -C

गरिमा की गीता / गरिमा गीता की-विषयानुक्रमणिका- सी





सोलहवां अध्याय

1. दिव्य सारांश -246
2. सुर व असुर स्वभाव के व्यक्तियों का वर्णन -246
3. विकारी प्राणी भक्ति नहीं कर सकते -248
4. शास्त्र विरोध पूजा व्यर्थ  (नरक दायक)-248
5. (शास्त्र अनुकूल साधना अर्थात् सीधा बीजा हुआ भक्ति रूपी पौधा का चित्र)-250
6. (शास्त्रविरुद्ध साधना अर्थात् उल्टा बीजा हुआ भक्ति रूपी पौधा का चित्र)-251

सतरहवां अध्याय 


1.सारांश-252
2. सर्व प्राणी शास्त्र विधि रहित भक्ति भी स्वभाव अनुसार ही करते हैं-252
3. शास्त्र विधि को त्याग कर साधना करने वाले भगवानों को दुख:दाई तथा नरक अधिकारी-253
 4. शरीर (पिंड) में कमलों (चक्रों) का चित्र-254
5. यज्ञों की जानकारी-257
6. तप की परिभाषा-257
7. ॐ तत् सत् का विस्तृत वर्णन-261
8. श्रद्धा भाव बिना भक्ति व्यर्थ-263
9. भगवान कृष्ण का विदुर के घर अलुणा शाक खाना-263
10. पांडवों की यज्ञ में सुपच सुदर्शन द्वारा शंख बजाना-264
11. पांडव यज्ञ की शेष कथा-268
12. सतनाम व सारनाम बिना सर्व साधना व्यर्थ-274
13. कुंभ के मेले में प्रथम स्नान करना करने पर कत्ले आम-276

अठारहवां अध्याय


1. सारांश-278
2. त्यागने और न त्यागने योग्य कर्मों का ज्ञान-278
3. भक्तों का वर्तमान विष के तुल्य होता है और परिणाम अमृत के तुल्य होता है-282
4. जो भक्ति नहीं करते, उनका वर्तमान अमृत के तुल्य होता है और परिणाम विष के तुल्य होता है-282
5. गीता ज्ञान देने वाले से अन्य पूर्ण परमात्मा का ज्ञान-283
6. शुद्र भी भगवान की भक्ति का अधिकारी है-283
7. अर्जुन भगवान ब्रह्म (काल) की शरण में रहा फिर भी पाप मुक्त नहीं हुआ-291
8. साहेब कबीर की गोरखनाथ से ज्ञान गोष्ठी-292
9. चित्र- (साहेब कबीर वह गोरखनाथ की ज्ञान गोष्ठी)-294
10. साहेब कबीर ने श्री रामानन्द जी को सत्य ज्ञान कराया-298
11. गीता का ज्ञान सुनने व सुनाने वाले भी काल के ही जाल में-298

 सृष्टि रचना


1. असंख्य ब्रह्मांडो का लघु चित्र-301
2. कबीर्देव (कबीर परमेश्वर) ने अपने द्वारा रचि सृष्टि का ज्ञान स्वयं ही बताया है-302
3. आत्माऐं काल के जाल में कैसे फंसी?-303
4. (एक ब्रह्मांड का लघु चित्र)-305
5. (ब्रह्मलोक का लघु चित्र)-306
6. श्री ब्रह्मा जी, श्री विष्णु जी, व श्री शिव जी की उत्पत्ति-308
7. तीनों गुण क्या है ? प्रमाण सहित-309
8. ब्रह्म काल की अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा-310
9. ब्रह्मा का अपने पिता (काल) की प्राप्ति के लिए प्रयत्न-312
10. माता दुर्गा द्वारा ब्रह्मा को श्राप देना-313
11. विष्णु का अपने पिता ब्रह्म की प्राप्ति के लिए प्रस्थान व माता का आशीर्वाद पाना-314
12. (एक ब्रह्मांड का लघु चित्र)-315
13. ज्योति निरंजन (काल) ब्रह्म के लोक (21 ब्रह्मांड) का लघु चित्र-316
14. परब्रह्म के सात शंख ब्रह्मांडो की स्थापना-319
15. वेदों में सृष्टि रचना का प्रमाण-321
16. पवित्र अर्थ वेद में सृष्टि रचना का प्रमाण-321
17. पवित्र ऋग्वेद में सृष्टि रचना का प्रमाण-325
18. पवित्र श्रीमद् देवी महापुराण में सृष्टि रचना का प्रमाण (दुर्गा अर्थात् प्रकृति तथा सदाशिव अर्थात् काल रूपी ब्रह्म की मैथुन क्रिया से ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव की उत्पत्ति-329
19. श्रीमद् देवी भागवत से लेख-331
20. पवित्र शिव महापुराण में सृष्टि रचना का प्रमाण (दुर्गा अर्थात् प्रकृति तथा सदाशिव अर्थात् काल रूपी ब्रह्म की मैथुन क्रिया से ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव की उत्पत्ति-334
21. श्री विष्णु पुराण में सृष्टि रचना का प्रमाण-340
22. श्री विष्णु पुराण का सारांश-349
23. पवित्र श्रीमद् भगवत गीता जी में सृष्टि रचना का प्रमाण (दुर्गा तथा ब्रह्म की मैथुन क्रिया से ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव की उत्पत्ति)-352
24. उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष का लघु चित्र-353
25. सर्व प्रभुओं की आयु-355
26. पवित्र बाइबल तथा पवित्र कुर्आन शरीफ में सृष्टि रचना का प्रमाण-358
27. पूज्य कबीर परमेश्वर (कबीर् देव) जी की अमृतवाणी में सृष्टि रचना-360
28. आदरणीय गरीब दास साहेब जी की अमृतवाणी में सृष्टि रचना का प्रमाण-362
29. गरीब दास जी महाराज की वाणी-364
30. (काल लोक में जन्म- मरण रूपी अरहट (चक्र का चित्र)-365
31. आदरणीय नानक साहिब जी की वाणी में सृष्टि रचना का संकेत-369
32. राधा स्वामी वह धन-धन सतगुरु सच्चा सौदा पंथों के संतों तथा अन्य संतों द्वारा सृष्टि रचना की दंत कथा-372

-: शंका समाधान :-


1. मुझ दास (संत रामपाल दास) का तत्व भेद प्राप्ति-374


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